मोबाइल फ़ोन नयी सम्भावनाओं के संकेत दे रही है. चाहे किसान हो या जवान, गाँव हों या शहर सब इसके रंग में रंगते जा रहे हैं. दुनिया पूरी तरह मुट्ठी में आ चुकी है. समस्या तब हो जाती है जब आपके घर में पांच मोबाइल हों और सबके चार्जर भिन्न हों, आप समझ गए होंगे मैं किस अफरातफरी कि बात कर रहा हूँ. बिजली आयी है कब तक रहेगी इसका ठिकाना नहीं, चार्जर मिल नहीं रहा और मिल भी जाए तो प्लग पॉइंट्स पर कब्ज़ा हो चुका है. इंसान करे भी तो क्या करे. अगर यह लोकसभा चुनाव हों भी जाए तब भी भारत अमेरिका हो जाएगा इसकी गारेंटी तो है नहीं. बिजली कि समस्या चुनाव कि समस्या से परे है.
खूबसूरत बात यह की इस तरह की तमाम समस्याओं के बावजूद मोबाइल फोन्स जिस तरह हमारे जीवन का हिस्सा बनें हैं उससे एक बात साफ़ हो जाती है की इनको चार्ज करने कि समस्या का हल भी ढूंढ ही लिया जाएगा। आइये जाने कि इस विषय में हम कितना आगे बढ़ रहे हैं.
खूबसूरत बात यह की इस तरह की तमाम समस्याओं के बावजूद मोबाइल फोन्स जिस तरह हमारे जीवन का हिस्सा बनें हैं उससे एक बात साफ़ हो जाती है की इनको चार्ज करने कि समस्या का हल भी ढूंढ ही लिया जाएगा। आइये जाने कि इस विषय में हम कितना आगे बढ़ रहे हैं.
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भवंरजाल |
आवश्यकता आविष्कार कि जननी होती है. सौर्य ऊर्जा से चलने वाले चार्जर का सफल परीक्षण हो चुका है और इसके सार्थक होने कि प्रचूर सम्भावनाएं हैं. सूरज कि रौशनी से काम करने वाले ये चार्जर वैसे इलाकों के लिए वरदान साबित होंगे जहां बिजली नहीं है. इससे बहुमूल्य ऊर्जा कि बचत होगी वो अलग. मुझे तो ऐसे चार्जर का बेसब्री से इंतज़ार है.
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सोलर चार्जर |
एक और सार्थक पहल हुई है वह है वायरलेस चार्जिंग। यह एक काफी तेजी से लोकप्रिय हो रही चार्जिंग पद्धति बनती जा रही जिसमे एक छोटे से प्लेटफार्म पर फ़ोन को रख भर देने से डिवाइस चार्ज होना शुरू हो जाता है. कई सारे मॉडलों में या सुविधा आ भी गयी है. हाँ इसका आम होना अभी बाकी है.
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वायरलेस मोबाइल चार्जर |
मजे कि बात यह है कि इसी १७ मार्च को युरोपीय संघ ने भारी बहुमत से एक बिल पास करते हुए मोबाइल निर्माताओं को यह आदेश जारी किया है कि यूरोप में बेचे जाने वाले सभी मोबाइल फोन्स के चार्जर एक सामान होंगे। कहा जा रहा है कि इससे सिर्फ यूरोप में इलेक्ट्रॉनिक कचरे में सालाना ५० हज़ार टन से भी ज़यादा कि कमी आएगी।
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युनिवर्सल चार्जर |
सनद रहे के आज बाज़ार में ३० से भी ज़यादा तरह के मोबाइल चारजर्स का इस्तेमाल हो रहा है. हमारी सरकार को भी कुछ सीखना चाहिए। नहीं ?
images: flickr
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